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भा.कृ.अनु.प.-भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल में कृषक वैज्ञानिक कार्यशाला एवं बीज दिवस का आयोजन

भा.कृ.अनु.प.-भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल में कृषक वैज्ञानिक कार्यशाला एवं बीज दिवस का आयोजन किया गया | यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष अक्तूबर के पहले पखवाड़े में आयोजित किया जाता हैं | इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. विजय पॉल शर्मा, अध्यक्ष, कृषि लागत और मूल्य आयोग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने की | उन्होने विभिन्न संस्थानों द्वारा लगाई कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा सभी स्टॉल का भी मुआयना किया | किसान भाइयों एवं बहनो को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार किस प्रकार विभिन्न फसलों का मूल्य निर्धारण करती है  और यह भी बताया कि इस वर्ष के समर्थन मूल्य में 105 रूपये कि बढ़ोतरी की गई जो अब 1840 रूपये प्रति कुंतल हो गई है | वही जौ के समर्थन मूल्य में 30 रूपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी के साथ 1440 रूपये प्रति कुंतल कर दी गई है | सरकार ई-नैम के माध्यम से देश की सभी मंडियों को आपस में जोड़ने की वृहद् योजना का सूत्रपात भी किया है | इसके द्वारा किसानो को अपने कृषि उत्पादनों की अच्छी कीमत प्राप्त हो सकेगी तथा वह सीधे तौर पर अपने उत्पाद देश के किसी भी मंडी में बेच सकता है |

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री विजय कुमार सेतिया, निदेशक, चमन लाल सेतिया एक्सपोर्टर्स लि. ने किसानो की चुनौतियों तथा चावल के निर्यात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे तथा किसानो को अच्छी गुणवत्ता के धान के उत्पादन का सुझाव दिया तथा कीटनाशको के कमतर मात्रा में प्रयोग की बात कही | इसी अवसर पर श्री भगवान दास, महासचिव, यंग फार्मर्स एसोसिएशन, पटियाला ने किसानो की समस्याएं और उसके निदान के लिए कृषि अनुसन्धान संस्थान के सार्थक प्रयासो को सराहा | पंजाब में नई किस्मों के प्रसार में  यंग फार्मर्स एसोसिएशन के माध्यम से भारतीय गेहूँ एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा उठाए गए क़दमों की प्रसंशा की | विशिष्ट श्री अजीत सिंह पन्नू ने भी किसानो के समक्ष अपनी बात रखी |

संस्थान के निदेशक डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बड़ी संख्या में आए किसानो का अपने प्रांगण में पधारने पर स्वागत किया साथ ही उनका धन्यवाद भी किया | उन्होने संस्थान द्वारा किसानो के लिए विकसित गेहूँ की नई किस्मे डीबीडब्ल्यू 173, डब्ल्यूबी 2 के बारे में अवगत कराया साथ ही अन्य किस्मों एच. डी. 3086 एचडी 2967 को भी अपने खेतों में किसान भाई लगाए इसकी अपील की | इस अवसर पर 10 नवोन्मेषी किसानो को सम्मानित किया गया |

उत्कृष्ट प्रदर्शनी का पुरस्कार राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल, केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल, प्रभात सीड तथा बासफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड संस्थाओं को दिया गया |

मेला के नोडल अधिकारी डा. सत्यवीर सिंह ने बताया कि इस तरह का आयोजन किसानो को शोध संस्थाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम है | मंच का संचालन डा. अनुज कुमार ने किया तथा बड़ी संख्या में आई महिला किसानो का आभार प्रकट किया क्योंकि 15 अक्तूबर को महिला कृषक दिवस के रूप में मनाया जाता है | इस अवसर पर लगभग 2000 किसानो ने अपनी उपस्थिति दर्ज की |

< 2018 >
November 9
  • 09
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